अमित जोगी और उनकी पत्नी का नामांकन रद्द; छत्तीसगढ़ में पहली बार जोगी परिवार मरवाही चुनाव से बाहर


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पेंड्रा25 मिनट पहले

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छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस अध्यक्ष अमित जोगी का जाति प्रमाण पत्र राज्य स्तरीय जांच कमेटी ने रद्द कर दिया था।- फाइल फोटो।

  • राज्य स्तरीय जांच कमेटी ने अमित जोगी को कंवर जाति का नहीं माना
  • जाति प्रमाण पत्र रद्द किए जाने के बाद चुनाव अधिकारी ने नामांकन भी रद्द किया

छत्तीसगढ़ के राजनीतिक इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब जोगी परिवार मरवाही चुनाव से बाहर हो गया है। जाति का विवाद छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस अध्यक्ष अमित जोगी और उनकी पत्नी ऋचा जोगी के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। शनिवार को जाति प्रमाण पत्र खारिज होने के चलते चुनाव अधिकारी ने दोनों के नामांकन रद्द कर दिए। राज्य स्तरीय उच्च जांच कमेटी ने अमित का जाति प्रमाण पत्र रद्द कर दिया था।

जिला चुनाव ऑफिस में शनिवार को नामांकन पत्रों की जांच पूरी हो गई। हाईपावर कमेटी ने चुनाव ऑफिस को अमित जोगी का जाति प्रमाण पत्र रद्द किए जाने का लेटर भेजा और उन्हें कंवर जाति का नहीं माना। यह आदेश एक दिन पहले 16 अक्टूबर को ही जारी किया गया। कमेटी इससे पहले अमित जोगी के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का जाति प्रमाण पत्र भी रद्द कर चुकी है।

अमित की जाति को को लेकर एक घंटे बहस के बाद चुनाव अधिकारी ने उनका नामांकन खारिज कर दिया। इसके बाद ऋचा जोगी के नामांकन को लेकर भी विवाद होता रहा। आखिरकार चुनाव अधिकारी ने ऋचा के नामांकन को भी कानूनी तौर पर सही नहीं माना और उसे भी खारिज करने के आदेश जारी कर दिए। छत्तीसगढ़ बनने के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब पूरा जोगी परिवार मरवाही चुनाव से बाहर है।

अमित जोगी ने दो दिन का समय मांगा था
अमित ने इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए दो दिन का समय मांगा, लेकिन चुनाव अधिकारी नहीं माने। 31 अक्टूबर 2013 को अमित जोगी को कंवर जाति का प्रमाण पत्र जारी किया गया था।

जांच कमेटी ने कहा- बेटे की जाति पिता से होती है
जांच कमेटी ने कहा कि 20 से 23 सितंबर को डाक के जरिए अमित जोगी को नोटिस भेजा गया था। यह भी तर्क दिया कि अजीत जोगी को कंवर नहीं माना था। अभी बेटे की जाति पिता की जाति से तय होती है। ऐसे में अमित जोगी को कंवर नहीं माना जा सकता है। अजीत जोगी के भी जाति प्रमाणपत्र को समिति ने निरस्त कर दिया था। मामला कोर्ट में लंबित था, उसी समय अजीत जोगी का निधन हो गया।

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कांग्रेस और गोंडवाना पार्टी ने नामांकन पर आपत्ति जताई थी
जोगी परिवार के जाति विवाद को लेकर पहले से सियासत गरम है। इस बीच मरवाही उपचुनाव में अमित जोगी के नामांकन में आपत्ति कांग्रेस के अलावा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की ओर से उर्मिला मार्को और निर्दलीय प्रताप सिंह भानू ने भी दर्ज करवाई थी। तीनों के पास राज्य स्तरीय जांच कमेटी के उस आदेश की कॉपी थी, जिसमें अमित जोगी का जाति प्रमाण पत्र निरस्त किया गया था।

कांग्रेस प्रत्याशी केके ध्रुव ने चुनाव अधिकारी को दिए गए पत्र में यह भी कहा कि कमेटी के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी, लेकिन इस पर कोई स्टे नहीं दिया गया। इसके साथ ही एफआईआर दर्ज कर जांच पर रोक भी नहीं लगाई गई है। जब पिता को ही गैर आदिवासी वर्ग का माना गया है तो अमित जोगी आदिवासी नहीं हो सकते। इस आदेश की कॉपी अमित जोगी के पास नहीं थी।

जोगी समेत उनकी पार्टी के 4 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था
मरवाही सीट से अजीत जोगी विधायक थे। उनके निधन के बाद यह सीट खाली हुई। यहां उपचुनाव में नामांकन के अंतिम दिन 19 प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल किया। खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जेसीसीजे) के अध्यक्ष अमित जोगी और उनकी पत्नी ऋचा जोगी के अलावा उनकी पार्टी के दो और उम्मीदवारों ने नामांकन भरा था।

जोगी परिवार को पहले से आशंका थी
जोगी परिवार को पहले से आशंका थी कि उनके जाति प्रमाणपत्र का विवाद मरवाही उपचुनाव में खलल डाल सकता है। इसे देखते हुए पुष्पेश्वरी तंवर और मूलचंद सिंह का भी नामांकन कराया गया। अब अमित और ऋचा का पर्चा निरस्त होने के बाद पार्टी तंवर और मूलचंद में से किसी एक को चुनाव लड़ने की हरी झंडी देगी।





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