कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सोनिया गांधी का संदेश: मुश्किल दौर में है लोकतंत्र, जनता के लिए करें संघर्ष


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

Updated Sun, 18 Oct 2020 08:41 PM IST

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को देश में चल रही समस्याओं को लेकर पार्टी के नेताओं के साथ बैठक की। इस मीटिंग के दौरान उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं से कहा कि इन दिनों देश का लोकतंत्र सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है, इसलिए सभी लोग आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करें।

उन्होंने इस दौरान किसानों के लिए लाए गए तीन कृषि विधेयकों को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बिल किसानों के हित में नहीं है और इससे किसानों का नुकसान होगा। वहीं कोरोना महामारी पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार के कुव्यवस्था के कारण देश की आर्थिक व्यवस्था चरमरा गई है। लोगों को संकट का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एआईसीसी के महासचिवों और राज्य प्रभारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्होंने दलित के खिलाफ हो रहे अत्याचार पर चर्चा करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है कि प्रदेश की सरकारें किस तरह से शासन चलाने में नाकाम हैं।

लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा है इस वजह से अपराध में बढ़ोतरी हो रही है। शासन का किसी तरह कहीं भी से डर नहीं रह गया है जिसकी वजह से अपराधी और बदमाश इस तरह के अपराध को अंजाम दे रहे हैं। उनके अंदर शासन का डर बिल्कुल नहीं रह गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को देश में चल रही समस्याओं को लेकर पार्टी के नेताओं के साथ बैठक की। इस मीटिंग के दौरान उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं से कहा कि इन दिनों देश का लोकतंत्र सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है, इसलिए सभी लोग आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करें।

उन्होंने इस दौरान किसानों के लिए लाए गए तीन कृषि विधेयकों को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बिल किसानों के हित में नहीं है और इससे किसानों का नुकसान होगा। वहीं कोरोना महामारी पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार के कुव्यवस्था के कारण देश की आर्थिक व्यवस्था चरमरा गई है। लोगों को संकट का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एआईसीसी के महासचिवों और राज्य प्रभारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्होंने दलित के खिलाफ हो रहे अत्याचार पर चर्चा करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है कि प्रदेश की सरकारें किस तरह से शासन चलाने में नाकाम हैं।

लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा है इस वजह से अपराध में बढ़ोतरी हो रही है। शासन का किसी तरह कहीं भी से डर नहीं रह गया है जिसकी वजह से अपराधी और बदमाश इस तरह के अपराध को अंजाम दे रहे हैं। उनके अंदर शासन का डर बिल्कुल नहीं रह गया है।



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