कैट-2 आईएलएस इंस्टॉल, सर्दियों में 350 मी. की विजिबिलिटी पर ऑपरेट होंगी फ्लाइट्स


चंडीगढ़एक दिन पहले

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  • चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पांच साल पूरे, 19 अक्टूबर 2015 में शुरू हुई थी पहली फ्लाइट
  • {इंटरनेशनल फ्लाइट मूवमेंट सामान्य होते ही यूएस, कैनेडा के लिए शुरू होंगी फ्लाइट्स }कोविड के कारण 38 फ्लाइट हो रही है ऑपरेट, पहले 88 थी इनकी संख्या

(मनोज अपरेजा) चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट सोमवार को पांच साल का होने जा रहा है। 11 सितंबर 2015 को पीएम मोदी ने मोहाली में बनाए गए नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्‌घाटन किया था। 19 अक्टूबर से यहां से फ्लाइट ऑपरेशन शुरू किया गया था। 306 एकड़ में गांव जुड़हेड़ी में 939 करोड़ की लागत से इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया गया।

हालांकि, कोविड की वजह से फिलहाल फ्लाइट ऑपरेशन सीमित है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि फेस्टिव सीजन के आसपास यहां से फ्लाइट ऑपरेशन बढ़ेगा। जहां तक इंटरनेशनल फ्लाइट्स का सवाल है तो फिलहाल कोविड के चलते दूसरे देशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए फ्लाइट्स ही ऑपरेट हो रही हैं। इस बार विंटर में खराब मौसम में फ्लाइट ऑपरेशन हो सकेगा।

सिविल एविएशन मंत्रालय का कहना इस विंटर में कैट-2 आईएलएस से फ्लाइट ऑपरेशन होगा, इससे 350 मीटर की विजिबिलिटी पर फ्लाइट ऑपरेशन हो सकेगा। इससे पहले कैट-3 आईएलएस लगा हुआ था, इसकी मदद से 1250 मीटर की विजिबिलिटी पर फ्लाइट ऑपरेशन संभव हो पाता था।

कई बार खराब मौसम और पुअर विजिबिलिटी के चलते फ्लाइट्स कैंसिल हो जाती थीं। रनवे पर ग्राउंड लाइटिंग सिस्टम को भी पहले से बढ़ा दिया है। यहां पर 24 हजार ग्राउंड लाइट्स लगाई गई हैं। इससे विजिबिलिटी और ज्यादा इंप्रूव हो जाएगी।

अब तक एयरपोर्ट पर था कैट-3, इस पर 1250 मीटर विजिबिलिटी पर ऑपरेट होती थी फ्लाइट्स…

2021 तक तैयार होंगे 23 नाइट पार्किंग बे… अजय कुमार ने बताया कि चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एयरलाइंस की सुविधा और यहां से फ्लाइट ऑपरेशन बढ़ाने के लिए पहले 8 पार्किंग बे बने हुए थे। पांच और बनाकर इन्हें 13 किया जा रहा था, लेकिन सिविल एविएशन मंत्रालय ने इन्हें बढ़ाकर 23 कर दिया है। यहां पर हम एयरलाइंस के लिए इंसेंटिव स्कीम लेकर आ रहे हैं।

नाइट चार्जेज कम लिए जाएंगे। ज्यादा स्पेस होने की वजह से एयरलाइंस को अपने जहाज पार्क करने की जगह मिलेगी इससे न सिर्फ लेट नाइट फ्लाइट्स यहां आकर रात में पार्क हो सकेंगी बल्कि तड़के फ्लाइट ऑपरेशन भी संभव हो सकेगा। इसे बनाने का काम अलॉट हो चुका है। अप्रैल 2021 तक यह पार्किंग बे बनकर तैयार हो जाएंगे।

अभी यहां से सुबह 7.15 पर पहली फ्लाइट दिल्ली और मुंबई के लिए रवाना होती है। रात को 10 बजे आखिरी फ्लाइट दिल्ली से आती है। अभी शिमला और धर्मशाला के बीच ही हेली टैक्सी की सर्विस चल रही है। यह भी तभी चलती हैं जिस दिन किसी पैसेंजर की बुकिंग होती है।

लॉकडाउन में हर महीने 10 करोड़ का नुकसान…

इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सीईओ अजय कुमार ने बताया कि 24 मार्च से 25 मई तक एयरपोर्ट से कमर्शियल फ्लाइट ऑपरेशन बंद रहा। इमरजेंसी, बबल फ्लाइट्स या फिर इवेक्युएशन फ्लाइट्स ही ऑपरेट हुईं। इस दौरान हर माह चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड को हर माह 10 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

25 मई से डोमेस्टिक फ्लाइट शुरू होने के बावजूद, चूंकि पैसेंजर नहीं हैं इसलिए एयरलाइंस कम फ्लाइट ऑपरेट कर रही हैं, इसके चलते अभी भी 5 से 7 करोड़ रुपए प्रतिमाह रेवेन्यू का नुकसान एयरपोर्ट को हो रहा है। सीईओ अजय कुमार ने बताया कि कोविड से पहले चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 88 फ्लाइट्स ऑपरेट होती थीं।

रोजाना करीब 7 हजार पैसेंजर आते-जाते थे। लेकिन अब चूंकि मात्र 36 फ्लाइट्स ही ऑपरेट हो रही हैं। कई बार तो पैसेंजर न मिलने की वजह से फ्लाइट की संख्या और कम हो जाती है। अब रोजाना 2 हजार के आसपास पैसेंजर आ- जा रहे हैं।

अगले विंटर तक कैट-3बी लगाने की तैयारी
सिविल एविएशन मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि जहां तक कैट-3 बी आईएलएस का सवाल है, इसे अप्रूवल मिल चुकी है। मंत्रालय लगाने को तैयार है। फिलहाल अड़चनें आ रही हैं। इसे लेकर उन्होंने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत के साथ मीटिंग की है। अड़चनों को जल्द दूर कर लिया जाएगा। उम्मीद है कि अगले विंटर तक चंडीगढ़ में कैट-3बी लगेगा। इसकी मदद से 50 मीटर की विजिबिलिटी पर फ्लाइट ऑपरेशन संभव हो जाता है।

26 से शुरू होगा विंटर शेड्यूल…
केंद्रीय सिविल एविएशन मिनिस्टर हरदीप सिंह चांदपुरी ने भास्कर से बातचीत में कहा कि चंडीगढ़ से डोमेस्टिक कनेक्शन बढ़ाने के लिए उनकी एयरलाइंस के साथ मीटिंग हो गई हैं। विंटर शेड्यूल 26 से लागू होगा।

उम्मीद है कि गोवा, पटना, इंदौर आदि डेस्टिनेशन के लिए यहां से फ्लाइट और जुड़ेंगी। कहा कि इंटरनेशनल फ्लाइट ऑपरेशन सामान्य होगा तो उनकी कोशिश रहेगी कि यहां से कैनेडा, यूके, यूएस और सिंगापुर जैसे डेस्टिनेशन के लिए फ्लाइट शुरू की जाए।

एयरपोर्ट पर कार्गो सेंटर बनेगा…

सीईओ अजय कुमार ने बताया कि चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 2000 स्क्वेयर मीटर का कार्गो सेंटर तैयार कर रहे हैं। चूंकि इस रीजन में एग्रीकल्चर प्रोड्यूस बहुत ज्यादा होती है। कार्गो सुविधा शुरू होने से एयरलाइंस को हो रहा घाटा कम होगा।

पैसेंजर कम होने के बावजूद वे कार्गो से अपने नुक्सान की भरपाई कर सकेंगी। सीईओ अजय कुमार ने बताया कि इसके अलावा एयरपोर्ट पर पेरिसिएबल आइटम के लिए 400 स्क्वेयर मीटर कोल्ड स्टोर भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बनाया जा रहा है। इसका काम भी चल रहा है। संभवत: अगले साल मई महीने तक तक कोल्ड स्टोर बनकर तैयार हो जाएगा।



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