कैप्टन ने लिखा पीएम को पत्र : राज्यों को अपने स्तर पर कोरोना टीकाकरण की रणनीति बनाने की छूट मांगी


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 09 Apr 2021 12:19 AM IST

कैप्टन अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो)
– फोटो : एएनआई

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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को केंद्र सरकार से अपील की है कि राज्यों को अपने स्तर पर कोविड टीकाकरण की रणनीति तैयार करने की छूट दी जाए। उन्होंने केंद्र सरकार से अपनी रणनीति की फिर से समीक्षा करने को कहा और ज्यादा खतरे वाले इलाकों में सभी बालिगों व 45 वर्ष से कम उम्र के जिगर और गुर्दें की बीमारी से पीड़ित मरीजों को भी टीकाकरण के अंतर्गत लाने की मांग की।

कैप्टन ने यह सुझाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वर्चुअल मीटिंग के तुरंत बाद लिखे एक पत्र में दिया। यह मीटिंग सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोविड और टीकाकरण की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी। मीटिंग के दौरान कैप्टन ने प्रधानमंत्री को राज्य की स्थिति से अवगत करवाया और राज्य सरकार के कदमों की जानकारी दी। 

मीटिंग में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोविड की दूसरी लहर के दौरान यूके स्ट्रेन भारी पड़ रहा है और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार यह बहुत ही घातक और खासकर नौजवानों की सेहत पर हानिकारक प्रभाव डालने वाला है। 

कुछ राज्यों में टीकाकरण की कमी की रिपोर्ट के चलते कैप्टन ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री से अपील की है कि पुष्ट सप्लाई आर्डर के आधार पर राज्यों के साथ अगली तिमाही में वैक्सीन की सप्लाई का प्रोग्राम साझा करें। मुख्यमंत्री ने अपनी अपील दोहराते हुए कहा कि सभी शैक्षिक संस्थाओं के अध्यापकों और स्टाफ को टीकाकरण में कवर किया जाए ताकि कोरोना का चरम खत्म होने के बाद फिजिकल क्लास फिर से शुरू करने के योग्य बनाया जा सके। उन्होंने जजों और न्यायिक अधिकारियों, बस चालकों और कंडक्टरों, सभी स्तर के चुने हुए नुमाइंदों को पेशा आधारित टीकाकरण की अनुमति पर जोर दिया है।

विस्तार

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को केंद्र सरकार से अपील की है कि राज्यों को अपने स्तर पर कोविड टीकाकरण की रणनीति तैयार करने की छूट दी जाए। उन्होंने केंद्र सरकार से अपनी रणनीति की फिर से समीक्षा करने को कहा और ज्यादा खतरे वाले इलाकों में सभी बालिगों व 45 वर्ष से कम उम्र के जिगर और गुर्दें की बीमारी से पीड़ित मरीजों को भी टीकाकरण के अंतर्गत लाने की मांग की।

कैप्टन ने यह सुझाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वर्चुअल मीटिंग के तुरंत बाद लिखे एक पत्र में दिया। यह मीटिंग सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोविड और टीकाकरण की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी। मीटिंग के दौरान कैप्टन ने प्रधानमंत्री को राज्य की स्थिति से अवगत करवाया और राज्य सरकार के कदमों की जानकारी दी। 

मीटिंग में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोविड की दूसरी लहर के दौरान यूके स्ट्रेन भारी पड़ रहा है और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार यह बहुत ही घातक और खासकर नौजवानों की सेहत पर हानिकारक प्रभाव डालने वाला है। 

कुछ राज्यों में टीकाकरण की कमी की रिपोर्ट के चलते कैप्टन ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री से अपील की है कि पुष्ट सप्लाई आर्डर के आधार पर राज्यों के साथ अगली तिमाही में वैक्सीन की सप्लाई का प्रोग्राम साझा करें। मुख्यमंत्री ने अपनी अपील दोहराते हुए कहा कि सभी शैक्षिक संस्थाओं के अध्यापकों और स्टाफ को टीकाकरण में कवर किया जाए ताकि कोरोना का चरम खत्म होने के बाद फिजिकल क्लास फिर से शुरू करने के योग्य बनाया जा सके। उन्होंने जजों और न्यायिक अधिकारियों, बस चालकों और कंडक्टरों, सभी स्तर के चुने हुए नुमाइंदों को पेशा आधारित टीकाकरण की अनुमति पर जोर दिया है।

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