दिल्ली :हाईकोर्ट और निचली अदालतों में आज से होगी वर्चुअल मोड में सुनवाई


ख़बर सुनें

कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों के मद्देनजर हाईकोर्ट और निचली अदालतों में मामलों की सुनवाई दोबारा केवल वर्चुअल मोड में करने का फैसला किया है। वर्चुअल मोड में सुनवाई शुक्रवार से शुरू हो जाएगी। इस संबंध में बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से सर्कुलर जारी कर दिया गया। हाईकोर्ट के संबंध में ये आदेश 23 और निचली अदालतों में 24 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा।

हाईकोर्ट ने लंबे समय तक वर्चुअल सुनवाई के बाद हाईब्रिड और उसके बाद 15 मार्च से फिजिकल सुनवाई का निर्णय लिया था। देश में कोरोना लॉकडाउन लागू होने के बाद मामलों की सुनवाई को हाईकोर्ट में सीमित कर दिया गया था। रजिस्ट्रार जनरल मनोज जैन के ताजा आदेश में कहा गया है कि ज्वाइंट रजिस्ट्रार (विधि) की भी समस्त पीठों के समक्ष सुनवाई 23 अप्रैल तक केवल वर्चुअल तरीके से होगी।

आदेश में ये भी कहा गया है कि सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीश विचाराधीन कैदियों की रिमांड बढ़ाने के लिए जेल महानिदेशक से मशविरा कर जरूरी व्यवस्था करेंगे। इसके अलावा जिन मामलों की सुनवाई में जरूरी होगा, उनमें आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश किया जाएगा।

आदेश में ये भी कहा गया है कि इस दौरान पक्षकारों और उनके वकीलों के खिलाफ प्रतिकूल आदेश जारी नहीं किया जाएगा। इसके अलावा जिन मामलों में गवाही होनी है, उन्हें स्थगित किया जाएगा।

विस्तार

कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों के मद्देनजर हाईकोर्ट और निचली अदालतों में मामलों की सुनवाई दोबारा केवल वर्चुअल मोड में करने का फैसला किया है। वर्चुअल मोड में सुनवाई शुक्रवार से शुरू हो जाएगी। इस संबंध में बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से सर्कुलर जारी कर दिया गया। हाईकोर्ट के संबंध में ये आदेश 23 और निचली अदालतों में 24 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा।

हाईकोर्ट ने लंबे समय तक वर्चुअल सुनवाई के बाद हाईब्रिड और उसके बाद 15 मार्च से फिजिकल सुनवाई का निर्णय लिया था। देश में कोरोना लॉकडाउन लागू होने के बाद मामलों की सुनवाई को हाईकोर्ट में सीमित कर दिया गया था। रजिस्ट्रार जनरल मनोज जैन के ताजा आदेश में कहा गया है कि ज्वाइंट रजिस्ट्रार (विधि) की भी समस्त पीठों के समक्ष सुनवाई 23 अप्रैल तक केवल वर्चुअल तरीके से होगी।

आदेश में ये भी कहा गया है कि सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीश विचाराधीन कैदियों की रिमांड बढ़ाने के लिए जेल महानिदेशक से मशविरा कर जरूरी व्यवस्था करेंगे। इसके अलावा जिन मामलों की सुनवाई में जरूरी होगा, उनमें आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश किया जाएगा।

आदेश में ये भी कहा गया है कि इस दौरान पक्षकारों और उनके वकीलों के खिलाफ प्रतिकूल आदेश जारी नहीं किया जाएगा। इसके अलावा जिन मामलों में गवाही होनी है, उन्हें स्थगित किया जाएगा।

 9 total views,  2 views today

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *