बिहार चुनाव: चिराग बोले- पीएम कर सकते हैं मेरी आलोचना, वोटकटवा कहना पापा का अपमान


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

Updated Sun, 18 Oct 2020 12:28 PM IST

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बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक बिसात बिछ चुकी है। राज्य में भाजपा जहां स्पष्ट कर चुकी है कि वह जनता दल यूनाइटेड (जदयू), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। वहीं तमाम आलोचनाओं के बावजूद लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) भाजपा के प्रति अपना समर्थन दिखाने से नहीं चूक रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान लगातार कह रहे हैं कि राज्य में भाजपा और लोजपा की सरकार बनेगी। चिराग ने रविवार को कहा कि भाजपा अपना गठबंधन धर्म निभाए और मेरे खिलाफ जितना बोलना है बोलें। प्रधानमंत्री मोदी भी मेरी आलोचना कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने खुद को वोटकटवा पार्टी कहे जाने पर विरोध जताया है। उनका कहना है कि यह पापा रामविलास पासवान का अपमान है। चिराग का कहना है कि मैं नीतीश के खिलाफ नहीं हूं उनकी नीतियों की आलोचना करता हूं।

एक टीवी चैनल के साथ हुई बातचीत में चिराग पासवान ने कहा, ‘आप (भाजपा) मेरा जितना विरोध करना चाहते हैं करें, पार्टी पापा की है। भाजपा नेताओं के वोटकटवा कहने वाले बयान से आहत हूं। पार्टी को ऐसा कहना पापा का अपमान है। प्रधानमंत्री से मेरा दिल का रिश्ता है। प्रधानमंत्री मेरे दिल में बसते हैं। जब मेरे साथ कोई नहीं खड़ा था तब वो मेरे साथ थे। पिता के निधन पर उन्होंने मुझे सांत्वना दी। जब पापा अस्पताल में थे तो प्रधानमंत्री मुझे फोन किया करते थे। वे कठिन समय में मेरे साथ खड़े रहे। मैं अपने प्रधानमंत्री की बुराई क्यों करूं।’

पांच सीटों पर मजबूरी में उतारे उम्मीदवार

लोजपा अध्यक्ष ने आगे कहा, ‘नीतीश को खुश करने के लिए भाजपा नेता मेरे खिलाफ बोल रहे हैं। हम प्रधानमंत्री की तस्वीर का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। पांच सीटों को छोड़कर भाजपा के सभी उम्मीदवारों को मेरा समर्थन है। यहां भी मजबूरी में उम्मीदवार उतारने पड़े क्योंकि उन्होंने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी थीं। मैं राजद-कांग्रेस के साथ नहीं जाऊंगा। मैं मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहता। राज्य में भाजपा-लोजपा की सरकार बनेगी। मैं नीतीश के खिलाफ नहीं हूं उनकी नीतियों की आलोचना करता हूं।

शेर का बच्चा हूं तो जंगल चीर कर निकलूंगा

एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ने और इसके परिणाम को लेकर पूछे गए सवाल पर लोजपा नेता ने कहा, ‘एनडीए से अलग होने के फैसले पर पछतावा नहीं हैं और न ही उन्हें यह फैसला लेने में डर लगा। पापा बोलते थे कि अगर शेर का बच्चा होगा तो जंगल चीर कर निकलेगा। अगर गीदड़ होगा तो वो मारा जाएगा। मैं भी अब खुद को परखने निकला हूं। शेर का बच्चा हूं तो जंगल चीर कर निकलूंगा। नहीं तो वहीं मारा जाऊंगा।’

नीतीश ने युवा नेतृत्व को नकारा

चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री पर युवा नेताओं को खारिज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि बिहार के मुख्यमंत्री ने नीतियों को लागू करना बंद कर दिया और संतृप्त हो गए। उन्होंने युवा नेताओं को खारिज कर दिया, उन्हें अनुभवहीन कहा लेकिन खुद उन्होंने खुद जेपी आंदोलन के दौरान एक युवा कार्यकर्ता के तौर पर राजनीति शुरू की थी। हम भी बिहार के लिए जागरूक हैं और अच्छा सोच सकते हैं। राज्य ने उन्हें पहले ही 15 साल दे दिए हैं।’

प्रधानमंत्री कर सकते हैं मेरी आलोचना

जमुई से सांसद ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा मेरी आलोचना किए जाने का मैं स्वागत करूंगा। उन्होंने कहा, ‘मुझे मोदी जी का सम्मान क्यों नहीं करना चाहिए। मेरे पिता के आईसीयू में भर्ती होने पर केवल उन्होंने मेरा साथ दिया था। मुख्यमंत्री लोजपा और भाजपा के बीच दूरी को चित्रित करने के लिए उत्सुक हैं। मैं यह कहकर इस डर को दूर करना चाहूंगा कि मैं भाजपा नेताओं, यहां तक की प्रधानमंत्री द्वारा मेरी आलोचना करने का स्वागत करुंगा।’

बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक बिसात बिछ चुकी है। राज्य में भाजपा जहां स्पष्ट कर चुकी है कि वह जनता दल यूनाइटेड (जदयू), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। वहीं तमाम आलोचनाओं के बावजूद लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) भाजपा के प्रति अपना समर्थन दिखाने से नहीं चूक रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान लगातार कह रहे हैं कि राज्य में भाजपा और लोजपा की सरकार बनेगी। चिराग ने रविवार को कहा कि भाजपा अपना गठबंधन धर्म निभाए और मेरे खिलाफ जितना बोलना है बोलें। प्रधानमंत्री मोदी भी मेरी आलोचना कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने खुद को वोटकटवा पार्टी कहे जाने पर विरोध जताया है। उनका कहना है कि यह पापा रामविलास पासवान का अपमान है। चिराग का कहना है कि मैं नीतीश के खिलाफ नहीं हूं उनकी नीतियों की आलोचना करता हूं।

एक टीवी चैनल के साथ हुई बातचीत में चिराग पासवान ने कहा, ‘आप (भाजपा) मेरा जितना विरोध करना चाहते हैं करें, पार्टी पापा की है। भाजपा नेताओं के वोटकटवा कहने वाले बयान से आहत हूं। पार्टी को ऐसा कहना पापा का अपमान है। प्रधानमंत्री से मेरा दिल का रिश्ता है। प्रधानमंत्री मेरे दिल में बसते हैं। जब मेरे साथ कोई नहीं खड़ा था तब वो मेरे साथ थे। पिता के निधन पर उन्होंने मुझे सांत्वना दी। जब पापा अस्पताल में थे तो प्रधानमंत्री मुझे फोन किया करते थे। वे कठिन समय में मेरे साथ खड़े रहे। मैं अपने प्रधानमंत्री की बुराई क्यों करूं।’

पांच सीटों पर मजबूरी में उतारे उम्मीदवार
लोजपा अध्यक्ष ने आगे कहा, ‘नीतीश को खुश करने के लिए भाजपा नेता मेरे खिलाफ बोल रहे हैं। हम प्रधानमंत्री की तस्वीर का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। पांच सीटों को छोड़कर भाजपा के सभी उम्मीदवारों को मेरा समर्थन है। यहां भी मजबूरी में उम्मीदवार उतारने पड़े क्योंकि उन्होंने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी थीं। मैं राजद-कांग्रेस के साथ नहीं जाऊंगा। मैं मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहता। राज्य में भाजपा-लोजपा की सरकार बनेगी। मैं नीतीश के खिलाफ नहीं हूं उनकी नीतियों की आलोचना करता हूं।

शेर का बच्चा हूं तो जंगल चीर कर निकलूंगा

एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ने और इसके परिणाम को लेकर पूछे गए सवाल पर लोजपा नेता ने कहा, ‘एनडीए से अलग होने के फैसले पर पछतावा नहीं हैं और न ही उन्हें यह फैसला लेने में डर लगा। पापा बोलते थे कि अगर शेर का बच्चा होगा तो जंगल चीर कर निकलेगा। अगर गीदड़ होगा तो वो मारा जाएगा। मैं भी अब खुद को परखने निकला हूं। शेर का बच्चा हूं तो जंगल चीर कर निकलूंगा। नहीं तो वहीं मारा जाऊंगा।’

नीतीश ने युवा नेतृत्व को नकारा

चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री पर युवा नेताओं को खारिज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि बिहार के मुख्यमंत्री ने नीतियों को लागू करना बंद कर दिया और संतृप्त हो गए। उन्होंने युवा नेताओं को खारिज कर दिया, उन्हें अनुभवहीन कहा लेकिन खुद उन्होंने खुद जेपी आंदोलन के दौरान एक युवा कार्यकर्ता के तौर पर राजनीति शुरू की थी। हम भी बिहार के लिए जागरूक हैं और अच्छा सोच सकते हैं। राज्य ने उन्हें पहले ही 15 साल दे दिए हैं।’

प्रधानमंत्री कर सकते हैं मेरी आलोचना

जमुई से सांसद ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा मेरी आलोचना किए जाने का मैं स्वागत करूंगा। उन्होंने कहा, ‘मुझे मोदी जी का सम्मान क्यों नहीं करना चाहिए। मेरे पिता के आईसीयू में भर्ती होने पर केवल उन्होंने मेरा साथ दिया था। मुख्यमंत्री लोजपा और भाजपा के बीच दूरी को चित्रित करने के लिए उत्सुक हैं। मैं यह कहकर इस डर को दूर करना चाहूंगा कि मैं भाजपा नेताओं, यहां तक की प्रधानमंत्री द्वारा मेरी आलोचना करने का स्वागत करुंगा।’



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