रूसी वैक्सीन स्पुतनिक वी के भारत में दूसरे और तीसरे फेज के क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी मिली


नई दिल्ली22 मिनट पहले

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स्पुतनिक वी वैक्सीन को रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड और गमालेया साइंटिफिक रिसर्च इंस्टिट्यूट ऑफ एपिडेमोलॉजी ने मिलकर तैयार किया है। -फाइल फोटो

  • 16 सितंबर को रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड और डॉ. रेड्‌डी के बीच भारत में ट्रायल पर सहमति बनी
  • स्पुतनिक वी वैक्सीन को गमालेया रिसर्च इंस्टिट्यूट ऑफ एपिडेमोलॉजी ने तैयार की है

भारत में रूसी वैक्सीन स्पुतनिक वी के दूसरे और तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी मिल गई है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने ट्रायल की इजाजत दे दी है। ट्रायल से देश में बड़े पैमाने पर वैक्सीन के असर पता लगाया जा सकेगा। 16 सितंबर को रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) और डॉ. रेड्‌डी के बीच भारत में स्पुतनिक वी के ट्रायल और डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर सहमति बनी थी।

डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरी के को-चेयरमैन और एमडी जी.वी. प्रसाद ने एक बयान में कहा, ‘‘यह एक महत्वपूर्ण विकास है, जो हमें भारत में क्लीनिकल ट्रायल शुरू करने की इजाजत देता है। हम महामारी से निपटने के लिए एक सुरक्षित और प्रभावी वैक्सीन लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’

वैक्सीन की डिलीवरी 2020 के अंत तक हो सकती है

इससे पहले आरडीआईएफ ने कहा था कि भारत में हैदराबाद की कंपनी डॉ. रेड्‌डी को वैक्सीन की 10 करोड़ खुराक सप्लाई की जाएगी। स्पुतनिक वैक्सीन एडिनोवायरल वेक्टर प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिसका कोरोनावायरस महामारी से बचाव के लिए ट्रायल जारी है। साथ ही कहा था कि भारत में वैक्सीन के सफल परीक्षण और रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद डिलीवरी 2020 के अंत में शुरू हो सकती है।

स्पुतनिक वी वैक्सीन को रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड और गमालेया साइंटिफिक रिसर्च इंस्टिट्यूट ऑफ एपिडेमोलॉजी ने मिलकर तैयार की है। 11 अगस्त को इसका रजिस्ट्रेशन किया गया था।



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